Mainpuri News: खाद ओवर रेट बेचने और कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई

मैनपुरी में खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक पर खाद बेचने के मामलों में प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में
मैनपुरी में खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक पर खाद बेचने के मामलों में प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने खाद विक्रेताओं और संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में ओवररेटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले 23 डीलरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि पिछले छह महीने के उनके क्रय-विक्रय की जांच की जा सके। यह कदम किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उठाया गया है, जो लगातार खाद विक्रेताओं द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने की रिपोर्ट कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने कृषि विभाग और खाद विक्रेता कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की और कड़े निर्देश दिए कि किसी भी किसान को निर्धारित मूल्य से अधिक में खाद नहीं बेची जाएगी। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने जिला कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक को निर्देश दिया कि जनपद में यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सहकारी समितियों और खाद-बीज की दुकानों पर यूरिया की उपलब्धता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को यूरिया के साथ अन्य दवा, बीज या उर्वरक खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। सभी दुकानों पर बैनर लगाने का निर्देश दिया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि यूरिया की कीमत 266.50 रुपये और डीएपी की कीमत 1350 रुपये पर ही मिलेगी। इससे किसानों को सही मूल्य पर खाद प्राप्त करने में मदद मिलेगी। बैठक में अनुपस्थित रहे विभिन्न कंपनियों के डीलरों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कृभको, एन.एफ.एल., आर.सी.एफ. और यारा के 23 डीलर बैठक में उपस्थित नहीं हुए। इसके चलते जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया गया कि इन अनुपस्थित डीलरों के पिछले छह महीने के क्रय-विक्रय की जांच के लिए एक समिति गठित की जाए। यदि जांच में कोई भी डीलर दोषी पाया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम किसानों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है और यह सुनिश्चित करने के लिए है कि खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
















