Mid-Day Meal Scam in Rajasthan: बच्चों के मिड-डे-मील पर 'डाका', पाउडर दूध को मावा फैक्ट्री तक पहुंचा रहा स्कूल स्टाफ; चार हिरासत में

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत बच्चों को दिए जाने वाले पाउडर दूध के मामले में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, स्कूल के क
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत बच्चों को दिए जाने वाले पाउडर दूध के मामले में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, स्कूल के कर्मचारी इस पाउडर दूध को बाजार में बेचने के लिए ले जा रहे थे। इस दूध का उपयोग न केवल दुकानों पर किया जा रहा था, बल्कि इसे मावा बनाने वाले कारखानों में भी पहुंचाया जा रहा था। जयपुर में पुलिस की विशेष टीम ने गुरुवार को इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन हजार किलो पाउडर दूध जब्त किया है। यह दूध सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील के तहत बच्चों को दिया जाना था, लेकिन इसे अवैध तरीके से बेचा जा रहा था। पुलिस को इस मामले की सूचना मिली थी कि एक पिकअप में यह दूध सामोद के मावा बनाने वाले कारखाने में ले जाया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और चार लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस घोटाले में शिक्षा विभाग और राजस्थान को-आपरेटिव डेयरी फैडरेशन के अधिकारियों की मिलीभगत शामिल है। यह दूध सामोद में मावा बनाने वाले कारखानों में भेजा जा रहा था। जांच में यह भी पता चला है कि जयपुर जिले के सरकारी स्कूलों में इस वर्ष अप्रैल माह से बच्चों को पाउडर दूध नहीं मिल रहा था। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि किस तरह से सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। सामोद पुलिस थाने में इस मामले को लेकर मामला दर्ज किया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया है।
















