Exclusive: आखिर हत्यारों तक कैसे पहुंच रहे जहरीले सांप? सपेरों ने झाड़ा पल्ला, बोले-हम तो बजा रहे नागिन बैंड

मेरठ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें पतियों की हत्या के लिए एक बेहद क्रूर तरीका अपनाया गया। पत्नी की हत्या के बाद, रविता और दामिनी ने अपने पतियों,
मेरठ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें पतियों की हत्या के लिए एक बेहद क्रूर तरीका अपनाया गया। पत्नी की हत्या के बाद, रविता और दामिनी ने अपने पतियों, अमित और अतुल की हत्या करने के लिए सांपों का सहारा लिया। इस मामले ने न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि पुलिस को भी हैरान कर दिया है। यह घटना इस बात का संकेत है कि कैसे कुछ लोग अपनी स्वार्थी इच्छाओं के लिए निर्दोष लोगों की जान लेने से भी नहीं चूकते।
अमर उजाला की टीम ने रविवार को मेरठ से लगभग 44 किलोमीटर दूर स्थित सपेरों के गांव गेसूपुर शुमाली और समसपुर का दौरा किया। यहां के सपेरों ने बताया कि वे अब सांप रखने का काम छोड़ चुके हैं। अब वे या तो नागिन बैंड बजाकर या फिर अन्य कामों के जरिए अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि हत्या के मामलों में सांप लोगों तक कैसे पहुंचे, तो उन्होंने इस पर चुप्पी साध ली। यह स्थिति यह दर्शाती है कि यदि सपेरे नागिन बैंड बजा रहे हैं, तो फिर हत्या के मामलों में इस्तेमाल होने वाले सांप कहां से आ रहे हैं।
गेसूपुर शुमाली गांव में प्रवेश करते ही, राहगीरों ने सपेरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस गांव में बड़ी संख्या में सपेरे रहते हैं और यह क्षेत्र सपेरों का पुराना गांव है। गांव में प्रवेश करते ही सपेरों के घर दिखाई देते हैं, जिनके बाहर नागिन बीन और भंगड़ा पार्टी के बोर्ड लगे होते हैं। 58 वर्षीय सपेरा कमलनाथ और उनके गुरु तेजानाथ ने बताया कि उनका परिवार इस गांव में लगभग तीन सौ वर्षों से रह रहा है। जब गांव के अन्य सपेरों से सांपों के बारे में पूछा गया, तो अधिकांश ने कहा कि अब कोई भी सपेरा सांप नहीं रखता। यह सब मिलकर इस बात का संकेत है कि सांपों की बिक्री और हत्या के मामलों में उनकी भूमिका पर सवाल उठता है।
















