Tax department investigates: जौहर ट्रस्ट को दान देने वाली 11 कंपनियों की जांच शुरू

रामपुर में सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान के जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। हाल ही में आयकर विभाग ने ट्रस्ट के चैरिटेबल पंजीकरण क
रामपुर में सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान के जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। हाल ही में आयकर विभाग ने ट्रस्ट के चैरिटेबल पंजीकरण को रद करने के बाद एक नया नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में उन 11 संदिग्ध कंपनियों की जानकारी मांगी गई है, जिन्होंने ट्रस्ट को करोड़ों रुपये का दान दिया था। आयकर विभाग ने इन कंपनियों के पूरे पते, दान की गई राशि, रसीदें, बहीखाता, आयकर रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट और अन्य संबंधित दस्तावेजों की मांग की है। विभाग का कहना है कि इन कंपनियों में से कई को पहले ही बोगस या अस्तित्वहीन माना जा चुका है। ट्रस्ट ने 2006 में आजम खान द्वारा स्थापित किया गया था और इसके तहत जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण किया गया। ट्रस्ट की प्रारंभिक राशि 50 हजार रुपये थी, लेकिन समय के साथ यह अरबों की संपत्ति में बदल गया। आयकर विभाग ने सितंबर 2023 में जौहर विश्वविद्यालय पर छापेमारी की थी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।
आयकर विभाग की रिपोर्ट में जौहर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ट्रस्ट ने विश्वविद्यालय के निर्माण में 46 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया था, जबकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने इस परियोजना की लागत को 494 करोड़ रुपये के आस-पास आंका है। इस संदर्भ में, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (केंद्रीय), लखनऊ, गौरव बाथम ने 147 पृष्ठों का आदेश जारी किया है, जिसमें कई गंभीर टिप्पणियां की गई हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्रस्ट ने 2020 से 2024 के बीच आयकर रिटर्न दाखिल किए हैं, लेकिन करोड़ों की आय-व्यय के बावजूद ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
















