NGT Directives on Waste Management: एनजीटी ने पार्क से कूड़ा हटाने व रखरखाव पर मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने साहिबाबाद के रामलीला मैदान में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पार्क के रखरखाव को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने उत्तर
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने साहिबाबाद के रामलीला मैदान में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पार्क के रखरखाव को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया है। यह आदेश आशीष रावल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें लापरवाही के मुद्दे को उठाया गया था। एनजीटी ने नगर निगम और यूपीसीडा को जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करने के लिए कहा है और अगली सुनवाई से पहले विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। बुधवार को एनजीटी की प्रधान पीठ में न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने इस मामले की सुनवाई की। इस दौरान, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत अनुपालन रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिसमें संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया था। एनजीटी के आदेश के अनुसार, रामलीला पार्क और उसके आसपास जमा ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, उठान और निस्तारण नगर निगम गाजियाबाद की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही, पार्क के रखरखाव, विकास और सुंदरीकरण का कार्य यूपीसीडा द्वारा किया जाएगा। सुनवाई के दौरान, यूपीपीसीबी को यह आदेश दिया गया कि यदि संबंधित एजेंसियों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है, तो उससे संबंधित आदेश और पूरा विवरण अगली सुनवाई में प्रस्तुत किया जाए। यह निर्देश एनजीटी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीरता को दर्शाता है और यह सुनिश्चित करता है कि स्थानीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित मानकों का पालन किया जाए। इस मामले में एनजीटी की सक्रियता यह दर्शाती है कि पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर न्यायालय कितनी गंभीरता से कार्य कर रहा है। यह आदेश स्थानीय निवासियों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है कि उनके पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। एनजीटी का यह कदम न केवल पार्क के रखरखाव के लिए आवश्यक है, बल्कि यह नगर निगम और यूपीसीडा के बीच समन्वय को भी बढ़ावा देगा, जिससे पार्क की स्थिति में सुधार होगा। ऐसे में, यह उम्मीद की जा सकती है कि अगली सुनवाई तक सभी संबंधित एजेंसियां अपने कार्यों को समय पर पूरा करेंगी और पार्क के रखरखाव में कोई कमी नहीं आने पाएगी।
















