Political Unrest in Chandigarh: दिवंगत पूर्व विधायक अजीब सिंह का नाम विवादित FIR में शामिल

चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास की ओर बढ़ने वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेताओं और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई
चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास की ओर बढ़ने वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेताओं और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-49 थाना पुलिस ने 15 नामजद नेताओं के साथ-साथ लगभग 3,000 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह FIR अब विवादों में आ गई है, क्योंकि इसमें जिन 15 नेताओं के नाम शामिल हैं, उनमें पूर्व विधायक अजीब सिंह मखमेलपुर का नाम भी है, जो जनवरी 2025 में निधन हो चुके थे। इस तथ्य के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि FIR में नामजद आरोपितों की पहचान और तथ्यों का प्राथमिक सत्यापन आवश्यक होता है। यदि किसी दिवंगत व्यक्ति का नाम FIR में शामिल किया गया है, तो यह जांच प्रक्रिया में गंभीर चूक को दर्शाता है।
FIR के अनुसार, वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर प्रदर्शनकारी बुधवार दोपहर करीब एक बजे सेक्टर-50/51/44/45 स्थित गोशाला चौक पहुंचे और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तलवारें, फरसे, भाले और डंडे लेकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए समर्थकों को उकसाया। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाया कि शहर में बीएनएसएस की धारा-163 लागू है और बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। उन्हें सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में प्रदर्शन करने की सलाह दी गई, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। FIR में आरोप लगाया गया है कि नेताओं ने समर्थकों को हमला करने, बैरिकेड तोड़ने और आगे बढ़ने के लिए उकसाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस बल पर हमला कर दिया।
















