Impact of Students' Echo in Prayagraj: क्या राहुल गांधी योगी सरकार के खिलाफ माहौल बना पाए?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रयागराज का स्थान हमेशा से ऐतिहासिक और वैचारिक आंदोलनों का केंद्र रहा है। इस शहर में देशभर से लाखों छात्र सिविल सेवा और अन्य प्रतिय
उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रयागराज का स्थान हमेशा से ऐतिहासिक और वैचारिक आंदोलनों का केंद्र रहा है। इस शहर में देशभर से लाखों छात्र सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। इसी कारण जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों की गूंज संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया, तो इसे योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जाने लगा। कार्यक्रम का उद्देश्य पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसे मुद्दों पर छात्रों के असंतोष को एकजुट करना था। हालांकि, यह आयोजन अपेक्षित राजनीतिक प्रभाव छोड़ने में विफल रहा।
कांग्रेस ने इस आयोजन की विफलता का दोष तैयारियों के अभाव और अव्यवस्था पर लगाया, लेकिन यह सच है कि उत्तर प्रदेश के युवा योगी सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं। खासकर लड़कियों के लिए सुरक्षा के माहौल ने उनकी पढ़ाई और नौकरी के अवसर बढ़ाए हैं। ऐसे में राहुल गांधी के पास छात्रों को एकजुट करने का कोई ठोस आधार नहीं था। प्रयागराज में छात्रों को एकत्र करने में असफल रहना उनके लिए आत्ममंथन का विषय बन गया है। राहुल गांधी के भाषण में डेटा और वैश्विक अर्थव्यवस्था जैसे शब्दों का अधिक प्रयोग हुआ, जिससे संवाद का स्तर सामान्य रह गया।















