Road construction in Himachal: भारत-तिब्बत सीमा तक 180 किलोमीटर सड़क निर्माण BRO के हवाले

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में पोवारी से कल्पा तक प्रस्तावित नए राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-505ए का निर्माण अब सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन किया जाएगा। केंद्र
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में पोवारी से कल्पा तक प्रस्तावित नए राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-505ए का निर्माण अब सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को बीआरओ को सौंपने की अधिसूचना 31 जुलाई को जारी की। यह सड़क एनएच-5 के सुरू-पोवारी-चिनी-शिपकी ला (भारत-तिब्बत सीमा) तक के हिस्से को जोड़ते हुए विकसित की जाएगी। इस 180 किलोमीटर लंबे मार्ग के विकास और रखरखाव की जिम्मेदारी बीआरओ को सौंपी गई है, जिससे क्षेत्र में सड़क परिवहन की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
इस नए राजमार्ग की शुरुआत पोवारी में एनएच-5 से होगी और यह रिकांगपिओ को जोड़ते हुए कल्पा में समाप्त होगा। बीआरओ को इस पूरे राजमार्ग के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव का कार्य सौंपा गया है, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकेंगी। किन्नौर के लोगों का मानना है कि बीआरओ के अधीन आने से सड़कों के निर्माण और रखरखाव में तेजी आएगी, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बागवानी और सीमा क्षेत्र की आवाजाही में भी सुधार होगा।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए किन्नौर के पूर्व विधायक सूरत नेगी ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से किन्नौर के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को दीर्घकालिक लाभ होगा। क्षेत्र के विकास के लिए यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो किन्नौर के लोगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। बीआरओ के अनुभव और संसाधनों के साथ, इस सड़क के निर्माण से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्र की सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
















