Rohtak News: बारिश के अभाव में धान की फसलें सूखने लगीं

संवाद न्यूज एजेंसी, सांपला। इस वर्ष क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद से लगातार बारिश की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में रोपी गई धान की फसल सूखने ल
संवाद न्यूज एजेंसी, सांपला। इस वर्ष क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद से लगातार बारिश की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में रोपी गई धान की फसल सूखने लगी है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। खेतों की मिट्टी में दरारें आ गई हैं, जो सूखे की गंभीरता को दर्शाती हैं। किसानों का कहना है कि रोपाई के समय उन्हें अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन मौसम की बेरुखी ने उनकी उम्मीदों को चूर-चूर कर दिया है। लगातार ट्यूबवेल का उपयोग कर सिंचाई करना उनके लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है। यदि अगले एक सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं होती है, तो उनका आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा। बारिश की कमी से फसल की पैदावार पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है।
भैंसरु के किसान सुदेश कुमार और अशोक, समचाना निवासी महावीर नंबरदार, गिझी निवासी रामप्रसाद और दतौड़ निवासी सतीश कुमार का कहना है कि धान की खेती बारिश पर निर्भर करती है। इस बार रोपाई के बाद पानी की कमी ने उन्हें ट्यूबवेल से बार-बार सिंचाई करने के लिए मजबूर कर दिया है। नहरों में पानी की उपलब्धता तो है, लेकिन डीजल के बढ़ते दामों ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कृषि विभाग के अनुसार, सांपला खंड में अब तक केवल 56 एमएम बारिश हुई है, जो कि सामान्य मानसून के मुकाबले बहुत कम है। धान की फसल के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन बारिश की कमी के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
















