Half-Day System in Bihar Schools: बिहार के सरकारी स्कूलों में लागू होगी 'हाफ-डे' व्यवस्था, अगले सप्ताह लग सकती है मुहर

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के सरकारी विद्यालयों में शनिवार को हाफ-डे लागू करने के निर्णय पर अगले सप्ताह मुहर लगने की संभावना है। हाल ही में यह घोषणा की गई थी कि
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के सरकारी विद्यालयों में शनिवार को हाफ-डे लागू करने के निर्णय पर अगले सप्ताह मुहर लगने की संभावना है। हाल ही में यह घोषणा की गई थी कि लंबे समय बाद शनिवार को विद्यालयों में हाफ-डे की व्यवस्था को फिर से लागू किया जाएगा। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अंतर्गत लिया गया है, जिसका उद्देश्य बच्चों पर किताबी पढ़ाई से उत्पन्न मानसिक दबाव को कम करना और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है। कुछ वर्ष पहले बिहार में इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था, लेकिन अब इसे पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस नीति के तहत कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों के लिए वर्ष में कम से कम 10 दिन नो बैग-डे के रूप में रखने का प्रावधान किया गया है। इस दिन विद्यार्थियों को टिफिन के बाद खेल कूद, चित्रकला, संगीत और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
शनिवार को विद्यालयों में हाफ-डे के क्रियान्वयन पर एक-दो दिनों के भीतर उच्च स्तर पर बैठक होने की संभावना है। इसके बाद शिक्षा विभाग के स्तर पर इस आशय की अधिसूचना जारी की जाएगी। यह व्यवस्था सभी श्रेणी के विद्यालयों के लिए लागू होगी। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में शनिवार को केवल दो से ढाई घंटे ही पढ़ाई होती है, जबकि झारखंड के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में भी शनिवार को हाफ-डे तक ही पढ़ाई की व्यवस्था है। इसी प्रकार, पश्चिम बंगाल में भी यह व्यवस्था लागू है। बिहार में वर्तमान में शनिवार को बैगलेस-डे (नो बैग-डे) की व्यवस्था लागू है, जिसमें बच्चे इस दिन बैग लेकर स्कूल नहीं जाते हैं। उन्हें गतिविधि आधारित कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है, जिसमें खेल-कूद, चित्रकला, संगीत और क्विज आदि का आयोजन शामिल है।



















