Start of Sawan: कछला गंगा घाट पर अस्थायी थाना की स्थापना

जागरण संवाददाता, बदायूं। पवित्र सावन माह की शुरुआत के साथ ही कछला गंगा घाट पर कांवड़ यात्रा और श्रावण मास के स्नान पर्व को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी
जागरण संवाददाता, बदायूं। पवित्र सावन माह की शुरुआत के साथ ही कछला गंगा घाट पर कांवड़ यात्रा और श्रावण मास के स्नान पर्व को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार पहली बार कछला में अस्थायी थाना स्थापित किया गया है, जिसकी कमान पुलिस लाइंस से इंस्पेक्टर सर्वेंद्र कुमार शर्मा को सौंपी गई है। कांवड़ियों की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस बार कछला घाट पर सुरक्षा व्यवस्था महाकुंभ प्रयागराज की तर्ज पर की गई है। एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर प्रयागराज महाकुंभ में इस्तेमाल हुए आधुनिक जल सुरक्षा उपकरण मंगाए गए हैं। घाट पर वाटर स्कूटर, लाइफ सेविंग उपकरण, रेस्क्यू सामग्री और अन्य आधुनिक संसाधन तैनात किए जा रहे हैं। गंगा में फ्लोटिंग वाटर बैरिकेड्स लगाकर करीब एक किलोमीटर क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा रहा है, जबकि गहरे पानी वाले हिस्से को जाली और टीन बैरिकेड्स से घेरा जा रहा है। रेड जोन घोषित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रहेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट पर 50 स्थानीय गोताखोर, चार प्रशिक्षित गोताखोर तथा एसडीआरएफ की टीम तैनात रहेगी। सीसीटीवी कैमरों से पूरे घाट की निगरानी होगी और लगातार ऑडियो संदेशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए जाएंगे। पुलिस और जल पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे गश्त करेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सके। यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष रणनीति तैयार की गई है। कांवड़ियों के लिए मार्गों को दुरुस्त कराया गया है तथा यह सुनिश्चित किया गया है कि कांवड़ यात्रा गंगा एक्सप्रेस-वे पर न जाए। बरेली की ओर से आने वाले कांवड़ियों की संख्या का आकलन करने और दोनों जिलों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए कछला घाट पर बरेली का सब कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां से भीड़ की वास्तविक स्थिति की जानकारी तत्काल बदायूं पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कछला घाट पर सीमावर्ती जिलों के समन्वय कैंप स्थापित किए जाएंगे। बदायूं से जुड़े बरेली, संभल और शाहजहांपुर के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखा जाएगा। सीमावर्ती थानों के बीच सूचना का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त कार्ययोजना लागू रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिलों की पुलिस तत्काल एक-दूसरे की सहायता करेगी, जिससे कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी चुनौती का समय रहते समाधान किया जा सके। कांवड़ियों की सुविधा के लिए कछला घाट पर पांच बेड का अस्थायी अस्पताल तैयार किया गया है। अस्पताल में आक्सीजन, वेंटिलेटर, स्ट्रेचर और जीवनरक्षक दवाओं सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। एमओआइसी महेश प्रताप सिंह के अनुसार एक एमबीबीएस डाक्टर, नर्स, वार्ड बाय, स्वीपर और संविदा कर्मचारियों की तैनाती की गई है। कांवड़ यात्रा शुरू होते ही स्वास्थ्य कर्मी आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे। प्रत्येक शिफ्ट में आठ सदस्य मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार और स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
















