Student Politics Returns to MP: नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव की तैयारी

भोपाल। मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों की बहाली की प्रक्रिया अब एक बार फिर से शुरू होने जा रही है। वर्ष 2017 के बाद से स्थग
भोपाल। मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों की बहाली की प्रक्रिया अब एक बार फिर से शुरू होने जा रही है। वर्ष 2017 के बाद से स्थगित छात्रसंघ चुनावों को लेकर जबलपुर हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार ने चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस बात की पुष्टि की है कि सरकार हाई कोर्ट के आदेश का पालन करेगी। इससे लगभग नौ वर्षों से ठप छात्र राजनीति को एक नया जीवन मिल सकता है। छात्रसंघ चुनावों का आयोजन इस शैक्षणिक सत्र में होने की संभावना है, जिससे विद्यार्थियों के बीच राजनीतिक गतिविधियों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में आखिरी बार छात्रसंघ चुनाव 2017 में हुए थे। इसके बाद से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विवाद, हिंसा और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को देखते हुए चुनावों को टाल दिया गया था। इसके अतिरिक्त, कोरोना महामारी के कारण भी चुनावों का आयोजन नहीं हो सका। हालांकि, छात्र संगठनों ने लगातार चुनावों की बहाली की मांग की है। इस बीच, उच्च शिक्षा विभाग ने हर साल सितंबर में छात्रसंघ गठन का समय निर्धारित किया है, जबकि चुनाव नहीं हो रहे थे। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय और महाविद्यालय हर छात्र से 15 रुपये वार्षिक छात्रसंघ शुल्क लेते रहे हैं, जिससे शासन के पास एक बड़ी राशि जमा होती है।















