Suicide in Hisar: विधवा अंजू ने सल्फास खाकर की आत्महत्या, पति की याद में कहा- 'ये दिन नहीं देखने पड़ते'

हरियाणा के हिसार जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां घरेलू कलह के चलते एक विधवा महिला ने आत्महत्या कर ली। विजय नगर निवासी 35 वर्षीय अंजू गर्ग ने बुधवार दोपह
हरियाणा के हिसार जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां घरेलू कलह के चलते एक विधवा महिला ने आत्महत्या कर ली। विजय नगर निवासी 35 वर्षीय अंजू गर्ग ने बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जिंदल पार्क के पास सल्फास खा लिया। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मृतका के परिवार को सूचित किया और मामले की जांच शुरू की। अंजू के भाई अरूण ने बताया कि उनकी बहन का पति सज्जन का निधन करीब आठ साल पहले हो गया था। अंजू का एक दस साल का बेटा वंश है। वह नागोरी गेट स्थित एक स्टेशनरी की दुकान पर काम करती थी। रोज की तरह वह सुबह नौ बजे घर से दुकान के लिए निकली, लेकिन वह वहां नहीं पहुंची। जब दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस ने सूचना दी कि अंजू की तबीयत खराब है और उसे नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तब परिवार को इस घटना का पता चला। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि अंजू ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार ने बताया कि उन्हें आत्महत्या के कारणों की जानकारी नहीं है।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि अंजू ने घरेलू कलह के चलते आत्महत्या का कदम उठाया। शहर थाना प्रभारी अमित ने बताया कि मृतका के परिवार के बयान पर कार्रवाई की जा रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। अंजू ने आत्महत्या करने से पहले मंगलवार शाम को दुकान की मालकिन के सामने अपने दुखों का जिक्र किया था। उसने कहा था कि अगर उसका पति सज्जन जिंदा होता, तो उसे ये दिन नहीं देखने पड़ते। यह सुनकर दुकान मालकिन ने बताया कि अंजू पिछले चार-पांच दिनों से लगातार दुकान पर रो रही थी।
अक्षय, जो स्टेशनरी की दुकान चलाता है, ने बताया कि अंजू ने सुबह वाट्सएप पर दुकान का सामान लाने की लिस्ट भेजी थी, लेकिन उसके बाद वह दुकान पर नहीं आई। जब उसने 10 बजकर 40 मिनट पर अंजू को फोन किया, तो उसने फोन नहीं उठाया। अक्षय ने सोचा कि शायद वह बीमार है, इसलिए दुकान पर नहीं आई। दोपहर को अंजू की मौत की खबर मिली। पड़ोसी दुकानदार अशोक ने बताया कि अंजू श्याम मंडल से जुड़ी हुई थी और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेती थी। मंगलवार को भी वह धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। शाम को वह दुकान पर आई थी और सुबह उसने दुकान के सामने से गुजरते समय कहा था कि वह ठीक है। फिर अचानक दोपहर को उसकी मौत की खबर आई। यह घटना न केवल अंजू के परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक गहरा सदमा है।
















