Supreme Court strict on septic tank accidents: यूपी में सेप्टिक टैंक हादसों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, योगी सरकार से चार सप्ताह में मांगा जवाब

उत्तर प्रदेश समेत 14 राज्यों में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौतों के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्
उत्तर प्रदेश समेत 14 राज्यों में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौतों के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश में हुई 86 मौतों का उल्लेख करते हुए राज्य के मुख्य सचिव को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता चंदन लाल वाल्मीकि ने बताया कि न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने डा. बलराम सिंह बनाम भारत सरकार एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान राज्यों द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सबसे अधिक 86 मौतें दर्ज की गई हैं।
वाल्मीकि ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 में शुरू की गई नमस्ते योजना का उद्देश्य सीवर सफाई का पूर्ण मशीनीकरण और सफाई कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, प्रदेश में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पीड़ित परिवारों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 30 लाख रुपये का मुआवजा भी नहीं मिला है। अदालत ने सभी संबंधित राज्यों से मशीनीकरण, सुरक्षा मानकों और मुआवजा वितरण पर उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। यह मामला न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक चेतावनी है कि उन्हें इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना होगा और उचित कदम उठाने होंगे।
















