Ethanol Crisis in Punjab: खेती और उद्योग पर संकट, व्यापार मंडल ने उठाई चिंता

चंडीगढ़ से रोहित कुमार की रिपोर्ट। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने पंजाब में कृषि, उद्योग और व्यापार की स्थिति को लेकर गहरी चि
चंडीगढ़ से रोहित कुमार की रिपोर्ट। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने पंजाब में कृषि, उद्योग और व्यापार की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पंजाब, जो कभी कृषि के क्षेत्र में अग्रणी था, आज उद्योग और व्यापार के मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। गुप्ता ने केंद्र और राज्य सरकारों से इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में कृषि और उद्योग लगातार आगे बढ़ रहे हैं, जबकि पंजाब का कृषि और औद्योगिक क्षेत्र संकट के दौर से गुजर रहा है।
बैठक के दौरान, जो किसान भवन में आयोजित की गई थी, गुप्ता ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के उद्योग एवं व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने बताया कि गोदामों से समय पर माल की निकासी नहीं होने के कारण पंजाब के राइस मिलरों को चावल भेजने के लिए 200 से 300 किलोमीटर तक का अतिरिक्त ट्रक भाड़ा अपनी जेब से वहन करना पड़ रहा है। इसके अलावा, चावल उद्योग से जुड़ी सरकारी मिलिंग प्रक्रिया अभी भी अधूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस वर्षों में नए उद्योग स्थापित करने या मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए सरकार की ओर से कोई विशेष रियायत या सुविधा नहीं दी गई।
बैठक में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह चीमा ने ईथेनॉल मिश्रण के विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में ईथेनॉल उद्योग का तेजी से विस्तार हो रहा है, जबकि पंजाब में इस क्षेत्र के विकास में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। चीमा ने कहा कि यदि ईथेनॉल मिश्रण की नीति प्रभावित होती है, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भी मुलाकात की और कृषि, उद्योग और व्यापार क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया। इस अवसर पर कई अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
















