Terror Attack in Kashmir: पाकिस्तान पीओके के विद्रोह से ध्यान भटकाना चाहता है, विशेषज्ञों का दावा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार की शाम को पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने एक प्रवासी मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी और एक अन्य
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार की शाम को पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने एक प्रवासी मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी और एक अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस हमले के पीछे सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिए किया गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आतंकियों ने सूर्यास्त के बाद प्रवासी मजदूरों पर फायरिंग की और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। घायल मजदूर को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह हमला दक्षिण कश्मीर में चार साल के अंतराल के बाद प्रवासी मजदूरों पर पहला हमला है। 22 जुलाई के बाद कश्मीर घाटी में यह दूसरा टारगेटेड किलिंग है, जो सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पीओके में असामान्य विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। रवालाकोट, मुजफ्फराबाद और मीरपुर में हजारों लोग महंगाई, बिजली कटौती और सैन्य दमन के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं। वहां आजादी के नारे गूंज रहे हैं, जिससे पाकिस्तान की चिंता और बढ़ गई है। सुरक्षा और खुफिया विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसी पीओके में बढ़ते असंतोष से घबराई हुई है।
















