Fraud Accused in Hotel: 661 करोड़ के फ्रॉड का आरोपी विक्रम वाधवा होटल में पकड़ा गया

चंडीगढ़ में 661 करोड़ रुपये के idfc बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी विक्रम वाधवा को फरार कराने की साजिश ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है
चंडीगढ़ में 661 करोड़ रुपये के IDFC बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी विक्रम वाधवा को फरार कराने की साजिश ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी को जेल से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी संभाल रहे चंडीगढ़ पुलिस के दो जवान ही उस साजिश का हिस्सा बन गए। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपी, उसके दोनों बेटों और दो पुलिसकर्मियों समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस उस समय असहज स्थिति में आ गई, जब यह खुलासा हुआ कि उसके अपने ही एक सब-इंस्पेक्टर (SI) और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) करोड़ों रुपये के IDFC बैंक घोटाले के आरोपी विक्रम वाधवा को जेल से बाहर निकालकर एक होटल में ले गए थे। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर अनुचित लाभ के बदले आरोपी की मदद की और उसे कानूनी हिरासत से बाहर निकालने की योजना में शामिल हो गए। जानकारी के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर जगमेहर सिंह और एएसआई सुरेंद्र की ड्यूटी सेक्टर-26 पुलिस लाइन से लगाई गई थी। दोनों को मॉडल जेल, बुरैल से अंडर ट्रायल कैदी विक्रम वाधवा को सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल (GMSH) में मेडिकल जांच के लिए ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
















