Aligarh road project stalled: अफसरशाही ने 55 करोड़ की ग्रामीण सड़क योजना को रोका

अलीगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ग्रामीण सड़क योजना पर अफसरशाही ने ब्रेक लगा दिया है। 55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 112 ग्रामीण सड़क
अलीगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ग्रामीण सड़क योजना पर अफसरशाही ने ब्रेक लगा दिया है। 55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 112 ग्रामीण सड़कों की योजना पिछले दो महीनों से सरकारी फाइलों में अटकी हुई है। मई में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदारों का चयन किया गया था, लेकिन अब तक कार्यादेश जारी नहीं किया गया है। इससे करोड़ों रुपये की यह परियोजना एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सकी है और हजारों ग्रामीण टूटी सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, लेकिन अलीगढ़ में जिम्मेदार अधिकारी उनकी मंशा को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
अधिकारी बताते हैं कि शासन के नियमों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक महीने के भीतर कार्यादेश जारी किया जाना चाहिए, लेकिन अलीगढ़ में यह प्रक्रिया दो महीने से भी अधिक समय से लटकी हुई है। जानकारों का कहना है कि मामला अधीक्षण अभियंता कार्यालय स्तर पर अटका हुआ है, जिसके कारण ठेकेदार निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पा रहे हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं और सरकार विकास कार्यों को तेजी से पूरा कर जनता के बीच पहुंचाना चाहती है। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूरा करने की हिदायत दी जा रही है, लेकिन जिले में अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
योजना के तहत जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में सड़क निर्माण प्रस्तावित है। इनमें अधिकांश सड़कें 500 मीटर से डेढ़ किलोमीटर लंबाई की हैं। इन सड़कों का चयन उन गांवों में किया गया है, जहां वर्षों से सड़कें जर्जर हैं। यह योजना किसानों को फसल मंडी तक पहुंचाने, स्कूली बच्चों, मरीजों और ग्रामीणों की आवाजाही को आसान बनाने के उद्देश्य से स्वीकृत की गई थी। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता दुष्यंत प्रताप का कहना है कि कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और कुछ ठेकेदारों से एफडीआर मांगी गई है। जैसे ही ये प्राप्त होंगे, कार्यादेश जारी कर दिए जाएंगे और सड़कों का शिलान्यास कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बरसात के मौसम में पत्थर और रोलर का कार्य बेहतर होता है, इसलिए अगले एक से डेढ़ महीने में बेस तैयार कर लिया जाएगा।











