Membership Fee in Bihar: बिहार में सहकारी फेडरेशन का सदस्य बनने के लिए 21000 रुपये देने होंगे

पटना से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन का गठन करने की प्रक्रिया सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है। इस फेडरेशन का उद्देश्य राज्य में सहकारि
पटना से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन का गठन करने की प्रक्रिया सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है। इस फेडरेशन का उद्देश्य राज्य में सहकारिता आधारित व्यापार को बढ़ावा देना है। सहकारिता विभाग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी इच्छुक सहकारी समितियों से 20 अगस्त तक आवेदन मांगे हैं। फेडरेशन में सदस्यता लेने के लिए एक हजार रुपये का शुल्क और बीस हजार रुपये का एक शेयर खरीदना अनिवार्य है, जिससे कुल मिलाकर 21 हजार रुपये की राशि देनी होगी। प्रत्येक सदस्य को कम से कम एक शेयर खरीदना आवश्यक होगा, जिससे उनकी सदस्यता की पुष्टि होगी।
फेडरेशन के गठन के बाद, जो सहकारी समितियाँ पहले सदस्य बनेंगी, उन्हें संस्थापक सदस्य का दर्जा प्राप्त होगा। इसके साथ ही, उन्हें फेडरेशन के 17 सदस्यीय निदेशक मंडल में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा। नवगठित फेडरेशन की अधिकृत पूंजी 500 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। निदेशक मंडल में एक अध्यक्ष, 13 निर्वाचित निदेशक और तीन पदेन या नामित निदेशक शामिल होंगे। अध्यक्ष का निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा और यह पद अनारक्षित रहेगा। निदेशक मंडल में विभिन्न स्तरों के विपणन संघों, व्यापार मंडल सहयोग समितियों और केंद्रीय सहकारी समितियों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
सहकारिता विभाग ने फेडरेशन के अध्यक्ष के पद को अनारक्षित श्रेणी में रखा है, जबकि निदेशक मंडल में आरक्षण का प्रविधान किया गया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निदेशक मंडल की संरचना अधिक प्रतिनिधित्व और सहभागिता को बढ़ावा दे। निर्वाचित निदेशकों के लिए आरक्षण बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1935 की धारा 14(2) के अनुसार लागू होगा। आरक्षित श्रेणियों का निर्धारण प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व चक्रानुक्रम के आधार पर किया जाएगा। इस फेडरेशन के गठन और सदस्यता के संबंध में अधिक जानकारी के लिए सहकारिता विभाग ने मोबाइल नंबर 8210007605 जारी किया है।











