Floating Solar Plants in Bihar: बिहार के सभी जिलों में लगेंगे फ्लोटिंग सोलर प्लांट, ऊर्जा और जल संरक्षण को बढ़ावा

बिहार में जल संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने सभी जिलों में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की
बिहार में जल संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने सभी जिलों में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्रों के विकास के लिए उपयुक्त जलाशयों की पहचान करने का निर्देश दिया है। यह योजना राज्य के जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई है। परियोजना के तहत कम से कम 10 एकड़ जल प्रसार क्षेत्र और न्यूनतम 3 मीटर गहराई वाले जलाशय का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही, जलाशय पर सरकार या स्थानीय प्राधिकारी का स्पष्ट मालिकाना हक और प्रशासनिक नियंत्रण होना अनिवार्य है। दरभंगा में राज्य का पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है, जहाँ 1.6 से 2 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा, सुपौल, नवादा और कैमूर जिलों में भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है।
फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की स्थापना से न केवल सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा, बल्कि इससे जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। पानी की सतह पर सौर पैनल स्थापित होने से वाष्पीकरण की दर कम हो जाती है, जिससे जल का संरक्षण होता है। इसके अलावा, इस तकनीक का उपयोग करके मछली पालन भी सुगमता से किया जा सकता है, जिससे स्थानीय किसानों और मछुआरों की आय में वृद्धि होती है। यह दोहरा आर्थिक लाभ स्थानीय समुदायों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की स्थापना से थर्मल पॉवर और कोयले पर निर्भरता कम होगी, जिससे पर्यावरण अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।









