Court grants bail to law students accused of misconduct: सुप्रीम कोर्ट में कथित अभद्रता के आरोप में गिरफ्तार लॉ स्टूडेंट्स को मिली जमानत

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने हाल ही में लॉ के छात्रों प्रबल प्रताप सिंह यादव और चंद्रभान को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इन दोनों छात्रों को सुप्रीम क
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने हाल ही में लॉ के छात्रों प्रबल प्रताप सिंह यादव और चंद्रभान को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इन दोनों छात्रों को सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने, सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट करने और न्यायिक कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि पर इनकी रिहाई का आदेश दिया। यह घटना 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम 13 में हुई थी, जब प्रबल प्रताप यादव याचिकाकर्ता के रूप में उपस्थित हुए थे। दिल्ली पुलिस ने 13 जुलाई को इन दोनों को गिरफ्तार किया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि किसी के असंयमित आचरण और अभद्र भाषा से सुप्रीम कोर्ट का सम्मान कम नहीं होता है, इसलिए अधीनस्थ अदालतों को भी संयम का परिचय देना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों का इस तरह का आचरण निंदनीय और अस्वीकार्य है। जमानत देते समय अदालत ने 'जमानत नियम है और जेल अपवाद' के सिद्धांत का उल्लेख किया, यह बताते हुए कि अपराध इतना गंभीर नहीं है कि छात्रों को बिना ट्रायल लंबे समय तक जेल में रखा जाए। जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है और दोनों के समाज में गहरे संबंध होने के कारण उनके भागने या सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा नहीं है।
10 जुलाई को हुई इस घटना के दौरान प्रबल प्रताप यादव, जो लखनऊ विश्वविद्यालय में लॉ सेकंड ईयर के छात्र हैं, ने कोर्ट रूम में जजों के प्रति अमर्यादित शब्द कहे, कागज फेंके और सुरक्षाकर्मी रवींद्र कुमार के साथ धक्का-मुक्की की। इस घटना के बाद तिलक मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर दोनों छात्रों को 13 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें 15 जुलाई को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इस मामले में जमानत मिलने से छात्रों को राहत मिली है, लेकिन अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रकार का आचरण न्यायिक प्रक्रिया के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य है।











