ED investigation against former Andhra minister: आंध्र के पूर्व मंत्री वेंकट नागेश्वर राव की ED जांच के खिलाफ अग्रिम जमानत की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में खारिज

आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री करुमुरि वेंकट नागेश्वर राव को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा चल रही जांच को चुनौती द
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री करुमुरि वेंकट नागेश्वर राव को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा चल रही जांच को चुनौती देते हुए अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। यह मामला तब सामने आया जब राव पर आरोप लगा कि वे एक शराब नीति घोटाले में शामिल हैं, जिसमें लगभग 300 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने राव की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले में उनके परिवार के अन्य सदस्यों का भी नाम शामिल है। राव के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उन्हें आबकारी विभाग का मंत्री बनाए जाने के लगभग दो साल बाद ही ये आरोप लगे हैं और उनका इससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला शराब को फैक्ट्री से खुदरा विक्रेता तक पहुंचाने के लिए दो यूनिट्स के बीच का सब-कॉन्ट्रैक्ट है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने राव के वकील से कहा कि जब आप यह दावा करते हैं कि आपका इससे कोई लेना-देना नहीं है, तो आपके परिवार के सदस्यों के नाम भी इस मामले में शामिल हैं। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक गंभीर मामला है और इसमें राव के बेटे और बहू का भी नाम है। राव के वकील ने यह भी कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और सतर्कता विभाग को जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। लेकिन फिर भी, मामला ईडी को सौंप दिया गया, जो कि राव के लिए एक और मुश्किल साबित हो रहा है।


















