Drug Trafficking in Kangra: चिट्टा तस्करी में महिला को तीन साल की कैद, एक लाख जुर्माना

धर्मशाला। इंदौरा पुलिस थाना में वर्ष 2018 में दर्ज हेरोइन तस्करी के मामले में विशेष न्यायाधीश जसवंत सिंह की अदालत ने आरोपी कमलेश कुमारी, जो कि तमोता की निवासी ह
धर्मशाला। इंदौरा पुलिस थाना में वर्ष 2018 में दर्ज हेरोइन तस्करी के मामले में विशेष न्यायाधीश जसवंत सिंह की अदालत ने आरोपी कमलेश कुमारी, जो कि तमोता की निवासी हैं, को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि दोषी जुर्माना नहीं चुकाती हैं, तो उन्हें एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी संजीव राणा ने इस मामले को पेश किया। उन्होंने अदालत को बताया कि चार नवंबर 2018 को पुलिस ने कमलेश कुमारी के कब्जे से 7.53 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। इस मामले में पुलिस ने चालान पेश करने के बाद 16 गवाहों के बयान और साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर मामले को सिद्ध पाते हुए यह फैसला सुनाया।
विशेष न्यायाधीश जसवंत सिंह की अदालत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान सभी प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अध्ययन किया। अभियोजन पक्ष ने यह साबित करने में सफल रहा कि कमलेश कुमारी ने अवैध रूप से हेरोइन का कारोबार किया था। पुलिस ने जब कमलेश कुमारी को गिरफ्तार किया, तब उनके पास से बरामद की गई हेरोइन की मात्रा और उसके प्रकार को देखते हुए अदालत ने उन्हें सजा सुनाई। यह मामला न केवल हेरोइन तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है जो इस प्रकार के अवैध कारोबार में लिप्त हैं।
इस फैसले के बाद, स्थानीय समुदाय में हेरोइन तस्करी के खिलाफ जागरूकता बढ़ी है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उन्होंने कहा है कि वे भविष्य में इस प्रकार के मामलों में और भी सख्ती बरतेंगे। विशेष न्यायाधीश जसवंत सिंह ने अपने निर्णय में कहा कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए सख्त सजा आवश्यक है ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए। इस मामले ने यह भी दर्शाया है कि न्यायालय और पुलिस दोनों ही इस प्रकार के अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।









