Dust Pollution Control in Delhi: CAQM की सख्ती, MCD के 12 जोनों की समीक्षा

दिल्ली में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एमसीडी के सभी 12 जोनों में चल रहे विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा की
दिल्ली में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एमसीडी के सभी 12 जोनों में चल रहे विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता आयोग के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोड़े ने की, जिसमें सभी जोनों के उपायुक्तों और अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों, उपलब्धियों और सामने आई चुनौतियों को प्रस्तुत किया। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे एक नियमित और चरणबद्ध प्रक्रिया के रूप में निरंतर जारी रखा जाना चाहिए। इसके तहत धूल प्रदूषण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि संकरी सड़कों पर खड़े वाहनों के कारण मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों के संचालन में काफी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा, सड़कों के किनारे कच्ची जमीन, सिंचाई के दौरान बहकर आने वाली मिट्टी और लोगों द्वारा सड़क किनारे कूड़ा फेंकने से धूल दोबारा जमा होने की समस्या भी सामने आई है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे सड़क किनारों का पक्कीकरण करें, हरित पट्टियों (ग्रीन बेल्ट) का विकास करें, जनजागरूकता अभियान को तेज करें और सफाई कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान करें।
इन निर्देशों के माध्यम से आयोग का उद्देश्य दिल्ली में पीएम स्तर और धूल प्रदूषण को प्रभावी रूप से नियंत्रित करना है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी एजेंसियां मिलकर काम करें और धूल प्रदूषण के खिलाफ ठोस कदम उठाएं। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है और इसके सफल कार्यान्वयन से नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सकेगी। आयोग की यह पहल न केवल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखने में सहायक होगी।









