E20 petrol safety concerns: केजरीवाल ने कंपनियों से मांगा जवाब

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनके शनिवार को प्रस्तावित टाउन हॉल कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल का कहना है कि पुलिस ने कांस्टीट्यूशन क्लब में जाकर आयोजकों से कहा कि उनके कार्यक्रम को निरस्त किया जाए। जब आयोजकों ने बताया कि उन्होंने पहले से बुकिंग कर रखी है और रसीद भी कट चुकी है, तब पुलिस के अधिकारी उनके पास आए और कहा कि उन्हें इसके लिए अनुमति लेनी होगी। केजरीवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इनडोर कार्यक्रमों के लिए पहले कभी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती थी और उनका कार्यक्रम अवश्य होगा। यह कार्यक्रम ई-20 पेट्रोल के विषय में आयोजित किया जा रहा है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देशवासियों पर ई-20 पेट्रोल थोपने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कुछ दिन पहले देश में वाहन निर्माण करने वाली 29 कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या उनके वाहन ई-20 पेट्रोल के उपयोग के लिए उपयुक्त हैं। उन्होंने कंपनियों से यह भी पूछा कि यदि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से उनके वाहनों को नुकसान होता है या उनका माइलेज कम होता है, तो क्या कंपनियां इसके लिए जिम्मेदार होंगी। केजरीवाल के अनुसार, इनमें से किसी भी कंपनी का लिखित उत्तर नहीं आया, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है।
इसके अलावा, केजरीवाल ने दावा किया कि उन्होंने 9 अधिकारियों से फोन पर बात की है, जिन्होंने बताया कि मोदी सरकार उन्हें धमकी दे रही है कि उन्हें यह कहना होगा कि ई-20 पेट्रोल वाहनों के लिए उपयोगी है। केजरीवाल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने ई-20 पेट्रोल को वापस नहीं लिया, तो जनता इसे वापस लेने के लिए मजबूर कर देगी। इस प्रकार, केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जनता की भलाई के लिए सही निर्णय लेने चाहिए। यह मामला न केवल राजनीतिक है, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।











