Gen-Z Language in Parliament: संसद में जेन-जी की भाषा का प्रभाव

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में जंतर-मंतर पर जेन-जी का छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन इसकी भाषा और शैली अब संसद में भी सुनाई देने लगी है। लोकसभा में प
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में जंतर-मंतर पर जेन-जी का छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन इसकी भाषा और शैली अब संसद में भी सुनाई देने लगी है। लोकसभा में पेपर लीक रोधी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राजग के कई सांसदों ने युवाओं के बीच प्रचलित जेन-जी शब्दों और अभिव्यक्तियों का उपयोग करते हुए विपक्ष पर तीखे तंज कसे। इस चर्चा में सांसदों ने न केवल अपनी बात रखी, बल्कि जेन-जी की भाषा का भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि युवा पीढ़ी की सोच और शब्दावली अब राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुकी है। विपक्ष ने इसे सत्ता पक्ष की ओर से युवाओं को आकर्षित करने की एक कोशिश बताया, जिससे यह भी दर्शाता है कि राजनीतिक संवाद में युवा दृष्टिकोण कितना महत्वपूर्ण हो गया है।
शिवसेना सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने 20 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष 37 दिनों तक एमआईए (मिसिंग इन एक्शन) रहा और जंतर-मंतर नहीं पहुंचा। उन्होंने आगे कहा कि बाद में विपक्ष फोमो (फीयर ऑफ मिसिंग आउट) का शिकार हो गया और धरने पर बैठ गया। शिंदे ने तंज करते हुए कहा कि अंत में विपक्ष डेलुलु (डेल्यूजनल) हो गया और उसे लगा कि छात्र उसके आंदोलन में शामिल होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस प्रकार, उन्होंने विपक्ष की स्थिति को मजाक में लेते हुए युवाओं के प्रति उनकी अनदेखी को उजागर किया।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस पर हमला करते हुए जेन-जी के लोकप्रिय शब्द क्लॉक्ड इट का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में नीति का शून्य था, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समस्याओं को पहचानकर उनका समाधान तैयार किया। उनके अनुसार, विपक्ष ने केवल राजनीतिक अवसरवाद का सहारा लिया। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी विपक्ष को डेलुलु करार देते हुए कहा कि यह मान लेना कि देश का युवा विपक्ष के साथ है, सबसे बड़ा भ्रम है। उन्होंने यह भी कहा कि युवा संसद की कार्यवाही देख रहा है और उसे केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में कोई रुचि नहीं है। इस प्रकार, जेन-जी आंदोलन के चर्चित नारे का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि जेन-जी की भाषा और विचारधारा अब राजनीतिक विमर्श का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।









