Report Card of Hathras Sikandarau MLA: ट्रामा सेंटर की सौगात, बस स्टैंड का इंतजार बरकरार

हाथरस जिले के सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्र में विधायक बीरेंद्र सिंह राणा के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में विधायक ने कई महत
हाथरस जिले के सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्र में विधायक बीरेंद्र सिंह राणा के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में विधायक ने कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारा है। सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सुविधाओं के क्षेत्र में कई कार्य हुए हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि ट्रामा सेंटर का पुनः प्रारंभ होना है, जिसे विधायक के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके अलावा, हसायन क्षेत्र में पालीटेक्निक कॉलेज, भरतपुर में मिनी स्टेडियम, मऊ चिरायल में आश्रम पद्धति विद्यालय और खिजरपुर में काली नदी पर पुल का निर्माण भी किया गया है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिला है और उनकी कई लंबित मांगें पूरी हुई हैं।
विधायक के कार्यकाल में हाजीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण, दतौरा में सेंगर नदी पर पुल, अगसौली-बाजिदपुर, रतिभानपुर-कचौरा, नगला रति-हसायन, गडोला रोड-कानऊ-जलेसर सकरा मोड़ जैसे प्रमुख मार्गों का निर्माण और चौड़ीकरण कराया गया है। हाथरस-जलेसर मार्ग सहित कई संपर्क मार्गों के बेहतर होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। इसके साथ ही, गौशालाओं, कृषि विज्ञान केंद्र और सरकारी दवा गोदाम जैसी योजनाओं पर भी काम हुआ है। इन विकास कार्यों को लेकर समर्थक इसे विधानसभा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हैं।
हालांकि, कई विकास कार्यों के बावजूद कुछ प्रमुख मांगें आज भी अधूरी हैं। इनमें सबसे प्रमुख सिकंदराराऊ बस स्टैंड का निर्माण है, जिसका मुद्दा चुनाव के दौरान प्रमुखता से उठाया गया था, लेकिन अब तक इसका काम शुरू नहीं हो सका है। बस स्टैंड न होने के कारण लंबी दूरी की कई बसें बाईपास से निकल जाती हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय व्यापारियों का भी मानना है कि बस स्टैंड बनने से बाजार की गतिविधियां बढ़ेंगी और लोगों को सुविधा मिलेगी। इसी तरह पुरदिलनगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की मांग भी वर्षों से लंबित है। विधायक ने कहा है कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और सभी कार्य एक साथ पूरे नहीं हो सकते। उनका प्रयास है कि चुनाव से पहले इन परियोजनाओं पर भी काम शुरू हो, ताकि क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सके।











