Night Hunger: रात में लगती है ज्यादा भूख, क्या यह कोई बीमारी है?

रात में भूख लगना एक सामान्य अनुभव हो सकता है, लेकिन जब यह भूख दिन की तुलना में अधिक हो जाती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चिकित्सकों का मानना है कि अगर य
रात में भूख लगना एक सामान्य अनुभव हो सकता है, लेकिन जब यह भूख दिन की तुलना में अधिक हो जाती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चिकित्सकों का मानना है कि अगर यह समस्या नियमित रूप से हो रही है, तो इसे गंभीरता से लेना आवश्यक है। विशेष रूप से, यदि रात में खाने के लिए नींद खुलती है, तो यह नाइट ईटिंग सिंड्रोम नामक एक गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। यह एक प्रकार का खाने का विकार है, जो नींद की समस्याओं के साथ जुड़ा होता है। नाइट ईटिंग सिंड्रोम में व्यक्ति रात में एक या दो बार खाने के लिए जागता है, और इस दौरान उसे मीठे और कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों की इच्छा होती है। जैसे कि चॉकलेट, बिस्किट, चिप्स या सैंडविच। इस तरह के खाने से सुबह उठने पर व्यक्ति को थकान महसूस होती है और नाश्ता करने की इच्छा भी नहीं होती। नतीजतन, दिन में व्यक्ति अपनी सामान्य गतिविधियों को ठीक से नहीं कर पाता।
डॉ. एलएच घोटेकर, जो लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सुपरिटेंडेंट हैं, ने नाइट ईटिंग सिंड्रोम के कारणों पर प्रकाश डाला है। उनके अनुसार, यह समस्या कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है, जिसमें पारिवारिक इतिहास और मानसिक तनाव शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति के परिवार में यह समस्या पीढ़ी दर पीढ़ी चल रही है, तो इसका जेनेटिक कनेक्शन हो सकता है। इसके अलावा, जब व्यक्ति दिन में पर्याप्त भोजन नहीं करता है, तो रात में भूख लगने की संभावना बढ़ जाती है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब व्यक्ति तनाव में होता है, जिससे उसकी भूख और बढ़ जाती है।
नाइट ईटिंग सिंड्रोम का उपचार संभव है, लेकिन इसके लिए पहले यह पहचानना जरूरी है कि व्यक्ति वास्तव में इस सिंड्रोम से ग्रसित है या नहीं। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से रात में अधिक भूख महसूस करता है और सोने के बाद भी जागकर कुछ खाने की आदत बना लेता है, तो उसे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। डॉ. घोटेकर ने बताया कि इस स्थिति के लिए कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है, जो व्यक्ति को बेहतर आदतें अपनाने में मदद करती है। इसके अलावा, कुछ मामलों में एंटीडिप्रेसेंट दवाओं का भी उपयोग किया जा सकता है। डॉक्टर प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन की सलाह भी देते हैं, जो मांसपेशियों को आराम देने और तनाव को कम करने में सहायक होता है।











