Power Employees Protest in Rewari: बिजली कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन, सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष मार्च

रेवाड़ी में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बिजली विभाग के कर्मचारी सरकार की नी
रेवाड़ी में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बिजली विभाग के कर्मचारी सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन मुख्य रूप से कच्चे कर्मचारियों की नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, बिजली निगमों के निजीकरण और ठेकाकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर किया जा रहा है। आंदोलन के तहत कर्मचारी शक्ति भवन से रोष मार्च निकालेंगे, जो शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए जिला सचिवालय पहुंचेगा। वहां, प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस ज्ञापन में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को शामिल किया जाएगा, जिसमें बिजली निगमों में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, समान कार्य के लिए समान वेतन, 7,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता, मेडिकल सुविधाएं, ग्रेच्युटी, फ्री बिजली यूनिट, मोबाइल भत्ता और अन्य सेवा लाभ शामिल हैं।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे हरियाणा एग्री डिस्कॉम के गठन, गुरुग्राम और नूंह में पैरलल लाइसेंस जारी करने, बिजली कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टीबीसीबी (Tariff Based Competitive Bidding) परियोजनाओं का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन नीतियों से न केवल उनके अधिकारों का हनन होगा, बल्कि बिजली क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की स्थिति भी कमजोर होगी। इसके अलावा, उन्होंने निगमों में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, नए थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने और ऊर्जा क्षेत्र में निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी उठाई है।











