Protests in PoJK: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बढ़ते विरोध प्रदर्शन

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (pojk) में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों में तेजी आई है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (jaac) ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों में तेजी आई है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। JAAC के नेताओं का कहना है कि पिछले 48 घंटों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 31 नागरिकों की मौत हुई है। इसके साथ ही, 5 जून से शुरू हुए आंदोलन के बाद से अब तक 80 से अधिक नागरिकों के मारे जाने का दावा भी किया गया है। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि स्थानीय लोग अपनी मांगों को लेकर कितने गंभीर हैं और वे किसी भी कीमत पर अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं।
आंदोलन को दबाने के लिए पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कार्रवाई जारी है। JAAC के वरिष्ठ नेता सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को कुचलने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि जब तक लोगों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी बीच, JAAC के एक अन्य नेता सरदार अमन कश्मीरी ने भी आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हम मुजफ्फराबाद तक मार्च करेंगे और अगर केवल एक व्यक्ति भी बचा रहेगा, तब भी यह मार्च जारी रहेगा। यह बयान इस बात का प्रतीक है कि स्थानीय लोग अपने अधिकारों के लिए कितने दृढ़ संकल्पित हैं।
पाकिस्तानी मीडिया में भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जियो न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार शहजाद इकबाल ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की स्वतंत्र रिपोर्टिंग करने की अनुमति मीडिया को नहीं दी जा रही है। पत्रकारों को घटनास्थलों तक पहुंचने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। शहजाद इकबाल ने सरकार से सवाल किया कि यदि प्रदर्शनकारी भारत के इशारे पर काम कर रहे थे, जैसा कि सरकार दावा करती है, तो फिर सरकार ने उनकी 38 में से 36 मांगें क्यों स्वीकार कर लीं। इस प्रकार के सवालों के जवाब में सरकार के पास कोई स्पष्ट उत्तर नहीं होता। इस स्थिति में, PoJK में जारी प्रदर्शनों और हिंसा के बारे में विभिन्न दावे सामने आ रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान सरकार की ओर से इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सीमित बनी हुई है।









