Success Story: 9 घंटे प्राइवेट जॉब के साथ UPSC क्रैक कर IAS बनीं श्वेता

करियर डेस्क, नई दिल्ली। हमारे देश में प्राइवेट जॉब करने वालों के लिए यह एक आम धारणा है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करना बेहद कठिन है, खासकर जब आप एक प्राइवेट नौकर
करियर डेस्क, नई दिल्ली। हमारे देश में प्राइवेट जॉब करने वालों के लिए यह एक आम धारणा है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करना बेहद कठिन है, खासकर जब आप एक प्राइवेट नौकरी कर रहे हों। लेकिन बिहार की श्वेता भारती ने इस धारणा को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है। श्वेता ने 9 घंटे की प्राइवेट जॉब के साथ UPSC की परीक्षा को अपने पहले प्रयास में ही सफलतापूर्वक पास किया और IAS बन गईं। वर्ष 2021 की परीक्षा में उन्हें ऑल इंडिया रैंक 356 प्राप्त हुई, जो उनकी मेहनत और लगन का प्रमाण है। यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं और सोचते हैं कि प्राइवेट जॉब के साथ यह संभव नहीं है। श्वेता ने साबित कर दिया कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो, तो किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।
श्वेता भारती ने UPSC की परीक्षा से पहले दो बार BPSC की परीक्षा भी पास की थी। पहले प्रयास में बीपीएससी 64th परीक्षा पास करने के बाद उन्हें सामाजिक सुरक्षा विभाग में उप-निदेशक का पद मिला, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उन्होंने 65th परीक्षा में भाग लिया और उसे भी सफलतापूर्वक पास किया। इस बार उन्हें शिक्षा विभाग में पदाधिकारी (DPO) का पद मिला, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। श्वेता की शिक्षा की बात करें तो वह शुरू से ही पढ़ाई में अच्छी रही हैं। उन्होंने ईशान इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की और इसके बाद भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की।
श्वेता ने विप्रो में प्राइवेट जॉब करने के बाद भी यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। दिन में 9 घंटे की जॉब के बाद वे रात में यूपीएससी की पढ़ाई करती थीं। उन्होंने अपनी पढ़ाई और काम को अच्छे से मैनेज किया और पहले ही प्रयास में यूपीएससी को क्रैक कर लिया। श्वेता ने अपनी जर्नी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बना ली थी। इसके साथ ही उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप से भी दूरी बनाकर पूरी लगन से तैयारी को जारी रखा, जिसका फल उन्हें पहली ही बार में मिला। उनकी यह सफलता उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।











