Alcohol Consumption Cases Dismissed in Gujarat: एक महीने में 80 शराब सेवन के मामले खारिज

राजकोट, गुजरात से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां न्यायालय ने शराबबंदी के कानून के तहत दर्ज 80 मामलों को खारिज कर दिया है। यह निर्णय प्रिंसिपल सिविल जज वी क
राजकोट, गुजरात से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां न्यायालय ने शराबबंदी के कानून के तहत दर्ज 80 मामलों को खारिज कर दिया है। यह निर्णय प्रिंसिपल सिविल जज वी के बंसल द्वारा लिया गया, जिन्होंने कहा कि बिना फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) की रिपोर्ट के यह कैसे माना जा सकता है कि आरोपियों के ब्लड सैंपल में अल्कोहल की मात्रा वैधानिक सीमा से अधिक है। इन 80 मामलों में से 40 को तो आरोपपत्र पेश करने के दिन ही खारिज कर दिया गया। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि न्यायालय ने साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया के पालन को गंभीरता से लिया है।
गुजरात में शराब सेवन के मामलों की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील जे वी जोशी ने बताया कि पुलिस ने एफएसएल रिपोर्ट के बिना ही आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए थे। इस कारण न्यायालय ने इन मामलों में संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। जोशी ने कहा कि एफएसएल रिपोर्ट आवश्यक है, और इसके बिना किसी भी आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जा सकती। यह मामला इस बात को भी उजागर करता है कि पुलिस को सबूत जुटाने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने में अधिक ध्यान देना चाहिए।
















