Amampur Assembly Seat: बीजेपी की जीत का सिलसिला जारी रहेगा या 2027 में बदलेगा समीकरण?

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले की अमांपुर विधानसभा सीट को जिले की महत्वपूर्ण ग्रामीण सीटों में गिना जाता है। यह उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से एक है और
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले की अमांपुर विधानसभा सीट को जिले की महत्वपूर्ण ग्रामीण सीटों में गिना जाता है। यह उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से एक है और एटा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। अमांपुर विधानसभा क्षेत्र का गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ था, और पहला विधानसभा चुनाव 2012 में हुआ। निर्वाचन आयोग ने इस सीट को 101 नंबर आवंटित किया है।
अमांपुर विधानसभा सीट का गठन संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के आदेश, 2008 के तहत किया गया। इस समय सोरों विधानसभा सीट को समाप्त कर उसके अधिकतर हिस्से और कासगंज विधानसभा क्षेत्र के कुछ हिस्से मिलाकर अमांपुर विधानसभा का गठन किया गया। यह सीट सामान्य (अनारक्षित) है और इसका अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण है। हालांकि यह कासगंज जिले में स्थित है, लेकिन संसदीय दृष्टि से यह एटा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
अब तक इस सीट पर तीन विधानसभा चुनाव हो चुके हैं: 2012, 2017 और 2022। पहले चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने जीत हासिल की, जबकि इसके बाद लगातार दो चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पकड़ बनाई। 2022 के चुनाव में बीजेपी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की, जब हरिओम ने 96,377 वोट प्राप्त कर समाजवादी पार्टी के सत्यभान को 43,329 वोटों के बड़े अंतर से हराया। सत्यभान को 53,048 वोट मिले, जबकि बहुजन समाज पार्टी के सुभाष चंद्र को 35,372 वोट और कांग्रेस की दिव्या शर्मा को 1,342 वोट मिले। इस जीत के साथ बीजेपी ने अमांपुर में अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाए रखा।
2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की लहर का असर अमांपुर सीट पर भी देखा गया। भारतीय जनता पार्टी के देवेंद्र प्रताप ने 85,199 वोट हासिल कर समाजवादी पार्टी के वीरेंद्र सिंह सोलंकी को 41,804 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इस चुनाव में वीरेंद्र सिंह सोलंकी को 43,395 वोट मिले, जबकि बहुजन समाज पार्टी के देव प्रकाश को 33,166 वोट और महान दल के राहुल पांडेय को 16,967 वोट मिले। इस प्रकार, बीजेपी ने पहली बार अमांपुर सीट पर कब्जा किया।

















