Karnataka Congress infighting continues: कर्नाटक कांग्रेस में नहीं थमा आपसी विवाद! मंत्रिमंडल के फेरबदल में खुलकर सामने दिखी गुटबाजी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पद ग्रहण के बाद उम्मीद थी कि कांग्रेस में गुटबाजी समाप्त हो जाएगी। लेकिन हाल ही में मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल ने सिद्धार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पद ग्रहण के बाद उम्मीद थी कि कांग्रेस में गुटबाजी समाप्त हो जाएगी। लेकिन हाल ही में मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल ने सिद्धारमैया के प्रभाव को घटते हुए दिखाया है। सिद्धारमैया के बेटे, शहरी विकास मंत्री डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया ने बताया कि आलाकमान ने उनके पिता द्वारा सुझाए गए वरिष्ठ नेता डॉ. एच.सी.महादेवप्पा को नजरअंदाज कर दिया। यतींद्र ने कहा कि उनके पिता ने महादेवप्पा का नाम सबसे पहले सुझाया था, लेकिन आलाकमान ने अनुसूचित जाति के नए चेहरों को शामिल करने के लिए पी.एम. नरेंद्रस्वामी को चुना। महादेवप्पा, जो सिद्धारमैया के करीबी समर्थक माने जाते हैं, उनके कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं।
यतींद्र के खुलासे के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला का हालिया बेंगलुरु दौरा नाराज वरिष्ठ नेताओं को मनाने के लिए था। यतींद्र ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सिद्धारमैया ने अनुभवी विधायक तनवीर सैत को शामिल करने से रोका था। उन्होंने कहा कि पिताजी की इस फैसले में कोई भूमिका नहीं थी। यतींद्र ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि सिद्धारमैया की 14 उम्मीदवारों की मूल सूची में से कितने लोगों को हाई कमान ने चुना।

















