Arrest of SP Student Leader: सपा छात्र नेता मोहसिन मेवाती की गिरफ्तारी पर बवाल

अलीगढ़ में जौहर विश्वविद्यालय के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के खिलाफ 24 जुलाई को कलक्ट्रेट पर हुए सपा के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभद्रता और धक्का-मुक्की करने के आ
अलीगढ़ में जौहर विश्वविद्यालय के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के खिलाफ 24 जुलाई को कलक्ट्रेट पर हुए सपा के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभद्रता और धक्का-मुक्की करने के आरोप में सपा छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष मोहसिन मेवाती को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मोहसिन मेवाती को दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें अलीगढ़ लाकर सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। यहां उन्हें जमानत मिल गई। इस गिरफ्तारी के बाद सियासत गरमा गई है। सिविल लाइंस पुलिस के अनुसार, मोहसिन मेवाती के खिलाफ कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने, बलवा और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में आठ नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रदर्शन के दौरान सिविल लाइंस इंस्पेक्टर के साथ भी धक्का-मुक्की की गई थी। इस मामले में पहले ही गोपाल बघेल सहित दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
मोहसिन मेवाती की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। परिवार के सदस्यों ने दीनदयाल अस्पताल में हंगामा किया और कहा कि पुलिस ने मोहसिन के साथ गिरफ्तारी के दौरान बुरा व्यवहार किया। परिवार का कहना है कि गिरफ्तारी के समय सपा संगठन के लोग मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे उन्हें समय पर मदद नहीं मिल सकी। जब तक पार्टी के लोग वहां पहुंचे, तब तक पुलिस ने मोहसिन को न्यायालय में पेश कर दिया था। इस दौरान सपा नेता अज्जू इशहाक, जिला महासचिव मनोज यादव और महानगर अध्यक्ष भी परिवार को समझाते नजर आए। बसपा नेता सलमान शाहिद भी मौके पर पहुंचे और इस घटना की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष बाबा फरीद ने मोहसिन मेवाती की गिरफ्तारी को दुखद और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव को दे दी गई है। मोहसिन मेवाती की गिरफ्तारी के बाद से सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश है और पार्टी के नेताओं ने इस मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है। इस घटना ने अलीगढ़ में राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है और सपा ने इस मामले में न्याय की मांग की है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।
















