Mobile Data Investigation: बाराबंकी में पीएसी सिपाही की मौत के मामले में जांच तेज

बाराबंकी। पीएसी सिपाही दीपक सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने उनके मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सी
बाराबंकी। पीएसी सिपाही दीपक सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने उनके मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल की गेमिंग हिस्ट्री और घटना से पहले के 24 घंटे की गतिविधियों की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि यह देखा जा रहा है कि दीपक सिंह कौन-कौन से गेम खेलते थे, उनकी बातचीत किससे होती थी और क्या उनके ऊपर किसी तरह का आर्थिक दबाव या लेनदेन था। इस मामले में विशेषज्ञों ने ऑनलाइन गेमिंग की लत को गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में बताया है। जिला अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आरती यादव के अनुसार, लगातार गेम खेलने से दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ता है, जिससे इसकी लत लग जाती है। ऐसे में हार, आर्थिक नुकसान या ब्लैकमेलिंग जैसी स्थितियों में व्यक्ति अवसाद में जा सकता है और कई बार आत्मघाती कदम भी उठा सकता है।
उल्लेखनीय है कि इसी पीएसी परिसर में करीब ढाई माह पहले महिला सिपाही शिल्पी का शव भी फंदे से लटका मिला था, जिसकी जांच अभी जारी है। शिल्पी का शव 12 मई 2026 को कमरे में फंदे से लटका पाया गया था। परिजनों का आरोप था कि प्रेम संबंध में मिले धोखे के कारण शिल्पी ने आत्मघाती कदम उठाया। शिल्पी इटावा जिले के जसवंतनगर की रहने वाली थीं और 2016 में खेल कोटे से पुलिस विभाग में भर्ती हुई थीं। वह फेंसिंग (तलवारबाजी) की खिलाड़ी थीं और उनकी तैनाती कानपुर में थी। उन्हें 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी से संबद्ध किया गया था, जहां वह फेंसिंग की प्रैक्टिस कर रही थीं।
अब इस घटना के बाद से सभी लोग हैरान हैं और सवाल उठ रहे हैं कि क्या इन दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है। पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि दीपक सिंह की मौत के पीछे क्या कारण थे। जांच में जुटी टीम को यह भी देखना है कि क्या दीपक सिंह की मौत का किसी अन्य व्यक्ति से कोई संबंध है या यह एक आत्महत्या का मामला है। इस प्रकार की घटनाएं समाज में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को उजागर करती हैं और यह आवश्यक है कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाए।
















