Brazil-Argentina Rivalry: राष्ट्रपति को 'चोर', चीफ जस्टिस को 'कचरा'

ब्राजील और अर्जेंटीना, जो भौगोलिक रूप से पड़ोसी हैं, एक-दूसरे के घोर प्रतिद्वंद्वी भी माने जाते हैं। यह प्रतिद्वंद्विता केवल फुटबॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि राजन
ब्राजील और अर्जेंटीना, जो भौगोलिक रूप से पड़ोसी हैं, एक-दूसरे के घोर प्रतिद्वंद्वी भी माने जाते हैं। यह प्रतिद्वंद्विता केवल फुटबॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीति के क्षेत्र में भी इन दोनों देशों के बीच गहरी अदावत देखने को मिलती है। हाल ही में, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को 'चोर' कहकर उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। इसके साथ ही, उन्होंने ब्राजील के चीफ जस्टिस अलेक्जेंडर डी मोरेस को 'कचरा' बताया। इस विवाद के चलते ब्राजील ने अर्जेंटीना में अपने कूटनीतिक स्टाफ की संख्या में कटौती करने का निर्णय लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है।
ब्राजील के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि माइली ने लूला को तीन बार 'चोर' कहा है, जो कि एक गंभीर आरोप है। यह टिप्पणी तब की गई जब माइली ने 25 जुलाई को एक राजनीतिक सम्मेलन में भी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया था। इस सम्मेलन में माइली ने पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो के साथ भी बातचीत की थी। इस दौरान, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डी मोरेस के खिलाफ भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जब डी मोरेस ने माइली के अनुरोध को ठुकरा दिया था।
ब्राजील सरकार ने जुलाई में अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में अपने राजदूत जूलियो बिटेली को वापस बुला लिया था, जो कि इस प्रकार का पहला कदम है। यह निर्णय तब लिया गया जब माइली ने लूला के खिलाफ पहली बार टिप्पणी की थी। इसके बाद से, अर्जेंटीना में ब्राजील के हितों का प्रतिनिधित्व एक कार्यवाहक राजदूत कर रहा है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जब तक माइली लूला के खिलाफ तीखी टिप्पणियां करते रहेंगे, तब तक बिटेली अर्जेंटीना वापस नहीं लौटेंगे। इस बीच, ब्राजील के राष्ट्रपति ने माइली की टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

















