Political Resilience: बृजभूषण सिंह ने हर संकट को पार किया

महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है। कोर्ट ने सबूतों की कमी
महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है। कोर्ट ने सबूतों की कमी के कारण उन्हें निर्दोष पाया। बृजभूषण सिंह का राजनीतिक सफर चार दशकों से अधिक पुराना है, जिसमें उन्होंने कई बार गंभीर राजनीतिक संकटों का सामना किया है। जनवरी 2023 में, देश की प्रमुख महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद जंतर-मंतर पर उनके खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ मोर्चा खोला, जिसमें विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया जैसे नामी पहलवान शामिल थे। इस मामले में सात लड़कियों ने गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे बृजभूषण की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती दिखी। हालांकि, समय के साथ बृजभूषण ने इस संकट को पार किया और अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
बृजभूषण सिंह का जन्म 1957 में हुआ और उन्होंने अपने छात्र जीवन में राजनीति में कदम रखा। राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने सियासी पहचान बनाई और 1991 में पहली बार गोंडा लोकसभा सीट से सांसद बने। उनके राजनीतिक करियर में कई बार उन पर गंभीर आरोप लगे, जिनमें हत्या के मामले भी शामिल थे। नब्बे के दशक में उन्हें बाबरी विध्वंस मामले में आरोपी बनाया गया और कई बार जेल भी जाना पड़ा। लेकिन हर बार वह अदालत से बरी होकर बाहर आए। बृजभूषण का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के साथ भी जोड़ा गया, लेकिन उन्होंने हर बार अपने खिलाफ लगे आरोपों को नकारते हुए खुद को निर्दोष साबित किया।
















