CAG Report: BJP का केजरीवाल पर हमला, 11635 करोड़ रुपये का ई-वे-बिल जाल

बीजेपी ने केजरीवाल सरकार पर cag रिपोर्ट के आधार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि 4076 नॉन फाइलर्स ने 11635 करोड़ रुपये के ई-वे-बिल जेनरेट किए, जो
बीजेपी ने केजरीवाल सरकार पर CAG रिपोर्ट के आधार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि 4076 नॉन फाइलर्स ने 11635 करोड़ रुपये के ई-वे-बिल जेनरेट किए, जो कि केजरीवाल सरकार की सांठगांठ का परिणाम है। उन्होंने बताया कि 6.10 करोड़ E-Way Bills में से केवल 0.10% की ही जांच की गई, जिससे 70 मामलों में 344 गैर-अनुपालन के मामले सामने आए, जिनका राजस्व प्रभाव 3,071.92 करोड़ रुपये था।
विभिन्न विभागों में केजरीवाल सरकार ने अनियमितताएँ की हैं। बिजली सब्सिडी योजना के तहत 50 हजार कन्ज्यूमर को 12 महीनों तक जीरो बिल होने पर भी 17.81 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। इसके अलावा, 90 हजार कन्ज्यूमर के लिए 11.88 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई, जबकि वे 6-11 महीने तक अपने घर में नहीं थे। इस प्रकार, पॉवर सब्सिडी के नाम पर 42 करोड़ रुपये का सरकारी खजाना खाली किया गया है।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि टेंडर ऑनलाइन करना अनिवार्य है, लेकिन केजरीवाल सरकार ने 1185 मेन्यूअल टेंडर किए, जिसमें 14527 बोलियां लगीं। सभी टेंडरों में रेट एक समान तय किया गया और 3% टेंडर ऐसे थे जिनमें कन्ट्रैक्ट अवार्ड का फाइल उपलब्ध नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि यही कारण है कि केजरीवाल कभी ऑडिट नहीं करवाते।
प्रवेश ने यह भी कहा कि एलएनजेपी हॉस्पिटल के निर्माण में भी भ्रष्टाचार हुआ। हॉस्पिटल की प्रति बेड कीमत 33 लाख रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन सत्येन्द्र जैन के बार-बार विजिट करने के बाद यह कीमत 72 लाख रुपये पर पहुँच गई। अब केजरीवाल को अपने 11 वर्षों के भ्रष्टाचार का हिसाब देना होगा।















