Chandrashekhar launches new campaign ahead of 2027: चंद्रशेखर ने 2027 से पहले छेड़ा नया अभियान, मंडल आयोग की सभी सिफारिशें लागू करने की मांग

उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंडल बनाम कमंडल की बहस एक बार फिर जोर पकड़ रही है। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने मंडल चेतना दिवस मनात
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंडल बनाम कमंडल की बहस एक बार फिर जोर पकड़ रही है। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने मंडल चेतना दिवस मनाते हुए एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को लागू करने की मांग की और प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का ऐलान किया, जिसे 2027 के विधानसभा चुनाव तक जारी रखने का इरादा है।
कार्यक्रम के दौरान 'मंडल आयोग लागू करो, वरना कुर्सी खाली करो' जैसे नारे गूंजते रहे। मंच पर दलित और ओबीसी समाज के कई नेता भी उपस्थित रहे। पार्टी ने न्यायपालिका, निजी क्षेत्र, सरकारी ठेकेदारी, पदोन्नति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में ओबीसी आरक्षण सहित कई मांगें उठाईं। चंद्रशेखर आजाद ने पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह को मंडल आयोग की सिफारिशें लागू करने का श्रेय देते हुए उन्हें भारत रत्न देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मंडल आयोग ने पिछड़े वर्गों को डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस और पीसीएस जैसे पदों तक पहुंचने का अवसर दिया और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक काम किया। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी तब तक शांत नहीं बैठेगी जब तक मंडल आयोग की सभी सिफारिशें लागू नहीं हो जातीं।
अपने संबोधन में उन्होंने 1990 में मंडल आयोग लागू होने के साथ ही कमंडल की राजनीति की शुरुआत का जिक्र किया, जिसमें सामाजिक न्याय के मुद्दे को धार्मिक विमर्श में दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी मंडल आयोग की अधिकांश सिफारिशें लागू नहीं हुई हैं और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
















