Compensation ordered for wrong electricity bill: फरीदाबाद में गलत बिजली बिल पर DHBVN को मुआवजा देने का आदेश

फरीदाबाद में बिजली बिलों में गड़बड़ी और उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान में देरी के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निग
फरीदाबाद में बिजली बिलों में गड़बड़ी और उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान में देरी के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने निगम को आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना के लिए 3,300 रुपये और वाद खर्च के रूप में 2,200 रुपये का मुआवजा प्रदान करे। यह निर्णय उस शिकायत के आधार पर लिया गया है, जिसमें उपभोक्ता ने बताया कि उन्हें लंबे समय से वास्तविक बिजली खपत के अनुरूप बिल नहीं मिल रहे थे। शिकायतकर्ता आशुतोष कुमार ने कहा कि कई बार बिल नियत तिथि के बाद आते थे और कई बार गलत अवधि का बिल जारी किया जाता था। उन्होंने 2015 से 2022 तक डीएचबीवीएन के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। शिकायतकर्ता का कहना था कि गलत बिलिंग के कारण उन पर अतिरिक्त राशि, सरचार्ज और ब्याज का बोझ डाला गया।
आशुतोष कुमार ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर कर मांग की थी कि उनके बिल को वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित किया जाए, सरचार्ज और ब्याज माफ किया जाए, और मानसिक प्रताड़ना तथा वाद खर्च के लिए मुआवजा दिया जाए। सुनवाई के दौरान डीएचबीवीएन ने आयोग को बताया कि शिकायतकर्ता का बिजली खाता दोबारा जांचकर संशोधित कर दिया गया है और अब उनके खाते में कोई बकाया नहीं है। निगम ने यह भी स्वीकार किया कि भुगतान का समायोजन कर दिया गया है। हालांकि, आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह माना कि बिजली खाते का संशोधन हो चुका है और विवाद का मूल कारण दूर कर दिया गया है।
इसके बावजूद, आयोग ने शिकायतकर्ता को हुई मानसिक प्रताड़ना और मुकदमेबाजी के कारण डीएचबीवीएन को 3,300 रुपये मुआवजा और 2,200 रुपये वाद खर्च देने का आदेश पारित किया। यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और यह दर्शाता है कि उपभोक्ता आयोग ऐसे मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करता है। आयोग के इस फैसले से अन्य उपभोक्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वे उपभोक्ता आयोग का सहारा ले सकते हैं।
















