Court reprimands DMO: पलामू डीएमओ पद के काबिल नहीं, नहीं जानते कानून; झारखंड हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में स्टोन चिप्स के परिवहन में लगे ट्रक को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जब्त करने के खिलाफ दा
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में स्टोन चिप्स के परिवहन में लगे ट्रक को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जब्त करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। इस सुनवाई के बाद अदालत ने पलामू के जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि पलामू डीएमओ के वेतन से वसूल कर एक सप्ताह के भीतर प्रार्थी को दी जाए। इसके साथ ही अदालत ने छतरपुर थाना प्रभारी को प्रार्थी का ट्रक तत्काल छोड़ने का आदेश भी दिया है। अदालत की इस सख्त टिप्पणी से स्पष्ट होता है कि वह कानून के प्रति गंभीरता से निपटने की आवश्यकता पर जोर दे रही है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने डीएमओ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें कानून की जानकारी नहीं है, इसलिए वह इस पद के लिए योग्य नहीं हैं। अदालत ने इस मामले में अग्रेतर कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव और खनन सचिव को आदेश की प्रति भेजने का निर्देश भी दिया है। सुनवाई के दौरान पलामू के जिला खनन पदाधिकारी, छतरपुर के सीओ और छतरपुर थाना प्रभारी अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने अधिकारियों से पूछा कि ट्रक जब्त किए जाने के संबंध में कोई प्राथमिकी या मामला दर्ज किया गया है या नहीं। इस पर डीएमओ ने कहा कि खनन कानून का पालन नहीं किए जाने के कारण ट्रक को रोका गया है।















