Court Ruling on Tree Cutting: दिल्ली हाई कोर्ट ने दो पूर्व अधिकारियों को पेड़ काटने की अनुमति देने पर अवमानना का दोषी ठहराया

दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए दिल्ली सरकार के पूर्व शीर्ष वन अधिकारी और एक अन्य अधिकारी को अवमानना का दोषी ठहराया है। यह निर्णय
दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए दिल्ली सरकार के पूर्व शीर्ष वन अधिकारी और एक अन्य अधिकारी को अवमानना का दोषी ठहराया है। यह निर्णय ग्रेटर कैलाश पार्ट-II में दो बड़े पेड़ों को काटने की अनुमति देने के मामले में आया है, जो कि कोर्ट के पिछले आदेशों का उल्लंघन था। जस्टिस जसमीत सिंह की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में पूर्व प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (PCCF) सीडी सिंह और पूर्व ट्री ऑफिसर (साउथ फॉरेस्ट डिवीजन) मंदीप मित्तल को दोषी ठहराया। कोर्ट ने पाया कि इन अधिकारियों ने जानबूझकर 28 अप्रैल, 2022 और 19 मई, 2022 को दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया, जो कि एक पूर्व अवमानना मामले में थे। इस प्रकार, इन अधिकारियों की कार्रवाई ने न केवल कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी एक गंभीर संदेश दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अधिकारियों को पेड़ काटने की अनुमति देने से पहले कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करना आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि ट्री ऑफिसर्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पेड़ काटने की अनुमति देने से पहले हर पेड़ की तस्वीरें ली जाएं और इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। इस मामले में कोर्ट ने अधिकारियों की लापरवाही को गंभीरता से लिया और उन्हें एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया है। इस एफिडेविट में उन्हें यह बताना होगा कि उन्हें जेल में क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए, जो कि छह महीने तक बढ़ सकता है।
















