Cyber Fraud in Mathura: मथुरा में साइबर ठगी का बढ़ता जाल, एक साल में 37.50 करोड़ की ठगी

जितेंद्र गुप्ता, मथुरा। साइबर ठगी के लिए कुख्यात जामताड़ा अब केवल नाम का ही रह गया है। धार्मिक नगरी मथुरा अब देशभर में चर्चाओं का केंद्र बन चुकी है, जहां मिनी ज
जितेंद्र गुप्ता, मथुरा। साइबर ठगी के लिए कुख्यात जामताड़ा अब केवल नाम का ही रह गया है। धार्मिक नगरी मथुरा अब देशभर में चर्चाओं का केंद्र बन चुकी है, जहां मिनी जामताड़ा के रूप में साइबर ठगों का नया ठिकाना विकसित हो गया है। तीन राज्यों की सीमाओं से सटे गांवों में युवा बेरोजगारों को साइबर ठगी के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। यहां के आठवीं, दसवीं और बारहवीं पास युवा लैपटॉप के माध्यम से ठगी करने में माहिर हो गए हैं। फर्जी आधार कार्ड, बैंक खाते और सिम कार्ड का उपयोग कर ये ठग एक झटके में लाखों-करोड़ों की ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने जब सर्च ऑपरेशन चलाया, तो 221 ठगों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। पिछले एक साल में इन ठगों ने करीब 37.50 करोड़ रुपये की ठगी की है।
राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से सटे मथुरा के गांवों ने पिछले कुछ वर्षों में देशभर में फैले साइबर ठगी के नेटवर्क का बड़ा केंद्र बनकर उभरे हैं। बेरोजगार युवाओं को लालच देकर संगठित गिरोहों में शामिल किया गया है। फर्जी सिम, बैंक खाते और सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इस चुनौती का सामना करने के लिए पुलिस ने दिसंबर 2025 से लगातार अभियान चलाए हैं। गोवर्धन, कोसीकलां, बरसाना और शेरगढ़ क्षेत्र में की गई कार्रवाई में अब तक 221 साइबर ठग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 45 फरार ठगों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस अब इन ठगों को जड़ से खत्म करने के लिए संदिग्धों का सत्यापन और डिजिटल साक्ष्य जुटाने का काम कर रही है।















