Dairy Conclave 2026: यूपी में नंद बाबा मिशन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा

उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 'डेयरी कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के सभी 75 जनपदों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 'डेयरी कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के सभी 75 जनपदों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दुग्धशाला विकास विभाग की 50वीं वर्षगांठ मनाना था। इसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और पशुपालकों ने भाग लिया। दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि भारत वर्तमान में 248 मिलियन मीट्रिक टन दूध का उत्पादन कर रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 38.8 मिलियन मीट्रिक टन है। यह आंकड़ा प्रदेश को देश में पहले स्थान पर रखता है। डेयरी सेक्टर न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है, बल्कि महिला सशक्तीकरण और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
'नंद बाबा दुग्ध मिशन' के तहत पशुपालकों को लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस मिशन के माध्यम से 17,994 लाभार्थियों को सीधे लाभ मिला है, जबकि 4,951 प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन से लगभग 2.25 लाख नए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। यह पहल ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार के नए दरवाजे खोलने में सहायक साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वदेशी गो-संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए।

















