Digital Security at Kanwar Mela: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहली बार साइबर कमांडो तैनात

उत्तराखंड में कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पहली बार प्रशिक्षित साइबर कमांडो की तैनाती की गई है। यह कदम न केव
उत्तराखंड में कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पहली बार प्रशिक्षित साइबर कमांडो की तैनाती की गई है। यह कदम न केवल इस धार्मिक आयोजन की सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि महाकुंभ-2027 की तैयारियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। शुक्रवार को पटेल भवन में आयोजित विशेष ब्रीफिंग में साइबर कमांडो को साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और रियल-टाइम इंटेलिजेंस के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान बताया गया कि कांवड़ मेले में पहली बार इस स्तर की तकनीकी निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है, जो श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है।
कांवड़ मेले के दौरान चार विशेष इकाइयां बनाई गई हैं, जिनमें साइबर सिक्योरिटी यूनिट, सोशल मीडिया मानिटरिंग यूनिट, साइबर इंटेलिजेंस यूनिट और इंसिडेंट रिस्पांस यूनिट शामिल हैं। ये सभी इकाइयां 24 घंटे साइबर स्पेस, सोशल मीडिया प्लेटफार्म और अन्य डिजिटल माध्यमों पर नजर रखेंगी। इनका मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम, अफवाहों पर नियंत्रण और श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत देशभर से आए 31 प्रशिक्षित साइबर कमांडो और उत्तराखंड के चार साइबर कमांडो हरिद्वार कंट्रोल रूम, कांवड़ सेल पटेल भवन और आईटीडीए में तैनात रहेंगे।
एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरने ने ब्रीफिंग में साइबर कमांडो को निर्देश दिए कि वे अपने तकनीकी ज्ञान और प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए साइबर अपराधियों की पहचान करें और साइबर इंटेलिजेंस के विश्लेषण में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान प्राप्त अनुभव महाकुंभ-2027 के लिए साइबर सुरक्षा की मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार करने में सहायक होंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर साइबर अपराधों की रोकथाम, डिजिटल निगरानी और प्रत्येक साइबर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
















