India's New Javelin Star: यशवीर सिंह ने CWG में ब्रॉन्ज जीतकर सबको किया प्रभावित

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने मेन्स जैवलिन थ्रो स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल दो पदक जीते, जिनमें से एक
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने मेन्स जैवलिन थ्रो स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल दो पदक जीते, जिनमें से एक सिल्वर नीरज चोपड़ा ने जीता और दूसरा ब्रॉन्ज यशवीर सिंह ने अपने नाम किया। श्रीलंका के युवा एथलीट रुमेश पाथिरागे ने इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल किया। नीरज चोपड़ा ने यशवीर की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यशवीर के साथ पोडियम पर खड़े होना उनके लिए एक विशेष अनुभव था। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय जैवलिन थ्रो का भविष्य उज्ज्वल है और यशवीर ने जिस तरह से दबाव में प्रदर्शन किया, वह प्रशंसा के योग्य है। नीरज ने कहा कि उन्हें एशियन गेम्स की याद आ गई, जब उन्होंने और किशोर जेना ने भारत के लिए पदक जीते थे। यशवीर ने अपने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक जीता, जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। इस थ्रो के साथ उन्होंने अपने पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ा। यशवीर ने बताया कि पहले पांच प्रयासों में उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा, लेकिन उन्होंने अंतिम प्रयास में अपनी पूरी ताकत झोंकी और सफलता प्राप्त की।
यशवीर सिंह, जो हरियाणा से हैं, ने 2022 में इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़कर सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने उस प्रतियोगिता में पहली बार 80 मीटर का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद, 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 82.57 मीटर के थ्रो के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया। जून 2025 में ताशकंद में आयोजित जी अर्जुमानोव मेमोरियल प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। हालांकि, 2025 नीरज चोपड़ा क्लासिक में वह आठवें स्थान पर रहे और भुवनेश्वर में आयोजित इंडियन ओपन वर्ल्ड एथलेटिक्स में छठे स्थान पर आए। टोक्यो में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी यशवीर फाइनल में जगह नहीं बना पाए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत की। इस मेहनत का फल उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मिला, जहां उन्होंने अपना पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक जीता।
















