Donation of Old Clothes: दिल्ली मेट्रो के इन स्टेशनों पर पुराने कपड़े दान करें

दिल्ली की राजधानी में अब पुराने कपड़े केवल अलमारी में जगह नहीं घेरेंगे, बल्कि एक नई पहल के तहत इनका सही उपयोग किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने 'अर्पण योजना' की शुरुआ
दिल्ली की राजधानी में अब पुराने कपड़े केवल अलमारी में जगह नहीं घेरेंगे, बल्कि एक नई पहल के तहत इनका सही उपयोग किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने 'अर्पण योजना' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य पुराने कपड़ों को कूड़ेदान या लैंडफिल साइट तक पहुंचने से रोकना है। इस योजना के तहत, दिल्ली मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों पर पुराने कपड़े दान करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह पहल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करेगी, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता भी करेगी।
इस योजना का पहला अर्पण केंद्र 3 अगस्त से पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 मेट्रो स्टेशन पर शुरू किया गया है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर इस केंद्र की स्थापना की है। पहले चरण में, दिल्ली के 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें मयूर विहार फेज-1 के अलावा पंजाबी बाग वेस्ट, शालीमार बाग, शाहदरा, रोहिणी वेस्ट, हौज खास, लाजपत नगर, मालवीय नगर, द्वारका और मोहन एस्टेट जैसे स्टेशन शामिल हैं।
इन अर्पण केंद्रों पर लोग अपने पुराने कपड़े बहुत ही सरल तरीके से दान कर सकते हैं। केंद्र पर एक स्कैनर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से दानकर्ता को एक छोटा सा फॉर्म भरना होता है। इस फॉर्म में अपना नाम, मोबाइल नंबर और दान किए जाने वाले कपड़ों का वजन (किलो में) दर्ज करना होता है। लोग सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक अपने साफ और पहनने योग्य कपड़े यहां जमा कर सकते हैं। जमा किए गए कपड़ों की छंटाई की जाती है, और जो कपड़े अच्छी स्थिति में होते हैं, उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाता है। अन्य कपड़ों को रीसायकल या अपसायकल करके नए कपड़े, बैग, धागा और अन्य उपयोगी सामान तैयार किया जाता है। मयूर विहार कियोस्क की संचालिका मीरा ने बताया कि सिर्फ दो दिनों में ही लोगों ने 100 किलो से ज्यादा कपड़े दान किए हैं। यह पहल पर्यावरण की सुरक्षा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
















