Fire at Handicraft Showroom: ताजमहल के पूर्वी गेट पर हैंडीक्राफ्ट शोरूम में लगी भीषण आग

आगरा के ताजमहल के पूर्वी गेट पर बुधवार की आधी रात को एक हैंडीक्राफ्ट शोरूम में भीषण आग लग गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख वहां तैनात सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत मे
आगरा के ताजमहल के पूर्वी गेट पर बुधवार की आधी रात को एक हैंडीक्राफ्ट शोरूम में भीषण आग लग गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख वहां तैनात सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आ गए। शोरूम ताजमहल के गेट से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित था, जिससे सुरक्षाकर्मियों ने आग की सूचना कंट्रोल रूम को दी और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया। फायर ब्रिगेड ने समय पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। आग लगने की घटना बुधवार की रात सवा बजे की है। सुरक्षाकर्मियों ने धुएं की दिशा में बढ़ते हुए शोरूम को घेर लिया और आग की सूचना देने के लिए अन्य पुलिसकर्मियों को भी बुला लिया। फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने शोरूम के शटर को खोला, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी। एसीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र नागर ने बताया कि आग लगने का कारण शार्ट सर्किट था। आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड ने तत्परता दिखाई और अन्य शोरूमों को प्रभावित होने से पहले ही आग को नियंत्रित कर लिया।
इसी दिन, आगरा के मलपुरा क्षेत्र में भी एक गत्ते के गोदाम में आग लगने की घटना सामने आई। यह घटना बुधवार की रात ढाई बजे हुई, जब गोदाम से लपटें उठती देख आसपास के लोग बाहर निकल आए। मौके पर चार दमकलें पहुंचीं और एक घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने का कारण भी शार्ट सर्किट बताया गया है। गोदाम में गत्ते के कार्टन होने के कारण आग तेजी से फैल गई। स्थानीय लोगों ने आग को अपने स्तर पर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। इस घटना से आसपास के लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन दोनों घटनाओं ने आगरा में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है। ताजमहल के पास स्थित हैंडीक्राफ्ट शोरूम में आग लगने से लाखों रुपये की क्षति का अनुमान है। आग लगने की घटनाओं से यह भी स्पष्ट होता है कि शार्ट सर्किट जैसी समस्याएं कितनी गंभीर हो सकती हैं। आगरा में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। आग की घटनाओं के बाद, स्थानीय लोगों ने सुरक्षा उपायों को लेकर चिंता व्यक्त की है। आग लगने की घटनाओं से न केवल संपत्ति को नुकसान होता है, बल्कि लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
















