Gas Cylinder Crisis: गोरखपुर में बिना DAC नहीं मिल रहा रसोई गैस सिलेंडर

गोरखपुर में रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा हुआ है। इंडियन ऑयल द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार, अब सिलेंडर प्राप्त करने क
गोरखपुर में रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा हुआ है। इंडियन ऑयल द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार, अब सिलेंडर प्राप्त करने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) अनिवार्य कर दिया गया है। पार्क रोड निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने मार्च में इस प्रणाली को अपनाया था, लेकिन पिछले महीने जब उन्होंने सिलेंडर के लिए मिस कॉल किया, तो न तो बुकिंग रेफरेंस नंबर मिला और न ही डीएसी। जब उन्होंने एजेंसी पर जाकर सिलेंडर मांगा, तो उन्हें बताया गया कि बिना डीएसी के सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है। इस स्थिति से उपभोक्ता बेहद निराश हैं।
इंडियन ऑयल के अधिकारियों का कहना है कि डीएसी की अनिवार्यता को 97 प्रतिशत तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन गोरखपुर में यह अनुपात 99 प्रतिशत कर दिया गया है। उप महाप्रबंधक रवि कुमार चंदेरिया ने स्पष्ट किया कि अन्य जिलों में भी डीएसी की अनिवार्यता को 95 प्रतिशत से बढ़ाकर 97 प्रतिशत किया गया है। इस बीच, जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने कहा कि यह व्यवस्था ग्राहकों की सुविधा के लिए बनाई गई है और इस संबंध में इंडियन ऑयल के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
हाल ही में, जिलाधिकारी दीपक मीणा ने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक में डीएसी की अनिवार्यता को 90 प्रतिशत तक सीमित रखने के निर्देश दिए थे, ताकि स्कूलों, अस्पतालों और जरूरतमंदों को सिलेंडर मिलने में कोई परेशानी न हो। हालांकि, इंडियन ऑयल ने इसे 99 प्रतिशत कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। महानगरों में रसोई गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग के बाद 25 दिन का नियम है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह समय 45 दिन है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि समयसीमा पूरी होने के बाद भी बुकिंग का संदेश नहीं आ रहा है, जिससे उन्हें और भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
















